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सी. ए. – आपके धैर्य, दृढ़ विश्वास, साहस, एवं जुनून की परीक्षा है ये!

सी. ए. – आपके धैर्य, दृढ़ विश्वास, साहस, एवं जुनून की परीक्षा है ये!

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प्रिय मित्रों, लेख का शीर्षक आपको डराने के लिए नहीं लिखा गया है। अगर आप सी ए कोर्स के बारे मे सोच रहे हैं, तो सर्व प्रथम आप बधाई के पात्र हैं क्योंकि इस कोर्स के बारे मे सोचना आपके अंदर आत्मविश्वास को दर्शाता है। मैं आपको एक बात बोलना चाहता हूँ कि आपको दुनियाँ मे ऐसे किसी भी लक्ष्य से डरने कि जरूरत नहीं है जिसको लाखों लोग पहले ही प्राप्त कर चुके हैं। आपको जानकर खुशी होगी कि भारत मे कुल मिलाकर 239,974 सी ए हैं (अप्रैल 2015 तक)। साथ ही इस कोर्स को करने वाले स्टूडेंट्स कि संख्या लगभग 12 लाख है।

भारत मे, चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान 1949 मे स्थापित किया गया था। गौर करने वाली बात यह है कि विगत 66 वर्षों मे इस संस्थान ने सिर्फ 2.40 लाख सी ए दिये हैं। दूसरों शब्दों मे, भारत मे 5000 लोगों मे सिर्फ 1 सी ए हैं। आज भी इस संस्थान मे परीक्षा उत्तीर्ण होने का प्रतिशत लगभग 5% है। चलिये ये बात तो हुई तथ्यों की। अब आपको बताते हैं इस व्यवसाय के महत्व के बारे मे।

भारत में सभी व्यापारिक संस्थानों के वित्तीय विवरणों का अंकेक्षण (ऑडिट) अनिवार्य हैं। यह मानते हुए कि आप इस क्षेत्र से अपरिचित हैं, सरल शब्दों मे, अंकेक्षण का अर्थ है वित्तीय विवरणों को सत्यापित करवाना। भारत मे वित्तीय विवरणों को सत्यापित करने का अधिकार सिर्फ सी ए को है। अब अंकेक्षण की बात हुई है तो आपको बता दूँ कि अंकेक्षण भी कई प्रकार के होते है; उदाहरण के लिए- वैधानिक अंकेक्षण (Statutory Audit), आंतरिक अंकेक्षण (Internal Audit), कर अंकेक्षण (Tax Audit) इत्यादि। इसके साथ व्यवसाय मे सूचना प्रोद्योगिकी के बढ़ते प्रयोग के साथ अब कई वयवसाय अपना सूचना तंत्र अंकेक्षण (Information System Audit) करवाते हैं। दूसरों शब्दों मे ऐसा को भी व्यवसाय नहीं है जो बिना सी ए के बिना चलता हो!

भारत मे सीए की आपूर्ति मे कमी को देखकर, निजी शैक्षणिक संस्थानों ने एम बी ए- फ़ाइनेंस पाठ्यक्रम को शुरू किया है जिसकी बहुत मांग है। आपको जानकार हैरानी होगी कि सी ए एवं एम बी ई- फ़ाइनेंस लगभग समतुल्य व्यावसायिक योग्यता हैं फिर भी दोनों मे बहुत अंतर है। सबसे बड़ा अंतर है लागत अथवा खर्चे का! आपको जानकार आश्चर्य होगा कि सी ए कोर्स कि कुल फीस, जो आप सीए संस्थान को भुगतान करते हैं, ` 50,000/- से भी कम है! जी हाँ! मतलब इस पाठ्यक्रम मे प्रवेश से लेकर फ़ाइनल परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए आपको ` 50,000/- से भी कम खर्च करने पड़ते हैं और यह फीस आपको एक साथ नहीं देनी होती। जैसे जैसे आप इसके स्तरों को पार करते हैं वैसे वैसे आपको फीस भरनी पड़ती हैं। भारत मे ऐसा कोई भी कॉलेज नहीं है जो ` 50,000/- मे आपको एम बी ए की डिग्री देता हो! दूसरा अंतर यह है कि सी ए के अलावा किसी को भी अधिकार नहीं है वित्तीय विवरणों को सत्यापित करने का! और जहां तक बात है प्रतियोगिता की, तो याद रखीये जब भी बात होती है लेखांकन अथवा कर विद्वानो की तो इसका मतलब होता है सी ए।

सी ए पाठ्यक्रम मे प्रवेश, आपके कैरियर को सुनिश्चित एवं सुरक्षित करता है। विशेष रूप से इस महगाई के दौर मे जब आपके अभिभावकों के पास आय के सीमित स्रोत हैं, सीए कोर्स आपको एक अवसर प्रदान करता है अपने धैर्य, दृढ़ विश्वास, साहस, एवं जुनून को सिद्ध करने का!

कोर्स के बारे मे पूर्ण जानकारी के लिए आप, भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (The Institute of Chartered Accountants of India) की वैबसाइट www.icai.org अथवा http://iamstudies.com/uploads/syllabus/CA_SYLLABOUS.pdf की लिंक पर जा सकते हैं।

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